भारत की महिला टीम ने श्रीलंका को हराकर त्रिकोणीय सीरीज पर जमाया कब्जा – India Women vs Sri Lanka Women

कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए महिला त्रिकोणीय श्रृंखला (Sri Lanka Women’s ODI Tri-Series) के फाइनल मुकाबले में India Women vs Sri Lanka Women का मुकाबला शानदार अंदाज में समाप्त हुआ। इस निर्णायक मैच में भारत की महिला टीम ने श्रीलंका को 97 रनों से करारी शिकस्त देकर खिताब पर कब्जा जमा लिया।इस जीत के साथ ही India Women vs Sri Lanka Women की यह भिड़ंत भारतीय टीम के लिए ऐतिहासिक बन गई, जिसमें बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों ने शानदार प्रदर्शन किया।

Smriti Mandhana का शतक, भारत की बड़ी पारी की नींव
भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया, जो बिल्कुल सही साबित हुआ। ओपनर Smriti Mandhana ने जबरदस्त बल्लेबाजी करते हुए 101 गेंदों में 116 रन बनाए। उनकी इस पारी में 15 चौके और 2 छक्के शामिल थे। मंधाना ने विपक्षी गेंदबाजों पर शुरुआती दबाव बनाया और अंत तक टीम को एक मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।
उनका साथ दिया हरलीन देओल (47 रन), कप्तान हरमनप्रीत कौर (41 रन) और जेमिमा रोड्रिग्स (44 रन) ने। अंतिम ओवरों में दीप्ति शर्मा (20 रन नाबाद) और अमनजोत कौर (18 रन) ने तेजी से रन बटोरे।
भारत ने निर्धारित 50 ओवरों में 342 रन बनाए, जिसमें 7 विकेट खोए। India Women vs Sri Lanka Women के इस महामुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों का यह सर्वोच्च स्कोर साबित हुआ।

श्रीलंकाई गेंदबाजों की बेबस गेंदबाजी
श्रीलंका की ओर से सबसे सफल गेंदबाज रही माल्की मदारा, जिन्होंने 10 ओवर में 74 रन देकर दो विकेट लिए। उनके अलावा देउमी विहांगा और सुगांदिका कुमारी को भी 2-2 सफलता मिली, लेकिन सभी गेंदबाजों की इकॉनमी रेट 5 से ऊपर रही। India Women vs Sri Lanka Women के इस मुकाबले में श्रीलंकाई गेंदबाज भारत के आक्रामक अंदाज के सामने असहाय नजर आईं।

श्रीलंका की पारी की शुरुआत रही फीकी
343 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की टीम को पहले ही ओवर में बड़ा झटका लगा। हसीनी परेरा शून्य पर आउट हो गईं। इसके बाद कप्तान चामारी अटापट्टू (51 रन) और विश्मी गुणरत्ने (36 रन) ने थोड़ी उम्मीद जगाई।
लेकिन जैसे ही इन दोनों की साझेदारी टूटी, India Women vs Sri Lanka Women के इस मुकाबले की तस्वीर साफ हो गई। नीलाक्षिका सिल्वा (48 रन) ने संघर्ष जरूर किया लेकिन भारत की सधी हुई गेंदबाजी के सामने कोई बल्लेबाज टिक नहीं सका।

Sneha Rana की गेंदबाजी ने किया श्रीलंका का सफाया
इस फाइनल मैच की सबसे शानदार गेंदबाजी की स्नेह राणा ने। उन्होंने 9.2 ओवर में 38 रन देकर 4 विकेट झटके और श्रीलंका की कमर तोड़ दी। उनके अलावा अमनजोत कौर ने 3 विकेट लिए। एक विकेट श्री चरणी को मिला और दो रन आउट के जरिए मिले।
श्रीलंका की पूरी टीम 48.2 ओवर में 245 रन पर सिमट गई और भारत ने India Women vs Sri Lanka Women के इस फाइनल में 97 रन से शानदार जीत दर्ज की।

सीरीज की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बनीं स्नेह राणा
जहां मैच की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बनीं स्मृति मंधाना (116 रन), वहीं पूरी सीरीज में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए स्नेह राणा को ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ घोषित किया गया। उन्होंने पूरी सीरीज में 15 विकेट लिए और फाइनल में भी 4 विकेट लेकर अपनी अहमियत साबित की।

क्रांति गौड़ का डेब्यू, मिला मौका
भारत की ओर से इस मैच में क्रांति गौड़ ने अपना वनडे डेब्यू किया। उन्होंने गेंदबाजी में 5 ओवर में 22 रन दिए, भले उन्हें विकेट न मिला हो लेकिन उन्होंने नियंत्रित गेंदबाजी से अपना योगदान दिया।

India Women vs Sri Lanka Women: मुख्य आंकड़े
भारत: 342/7 (50 ओवर)

  • स्मृति मंधाना: 116 (101)
  • हरलीन देओल: 47 (56)
  • हर्मनप्रीत कौर: 41 (30)
    श्रीलंका: 245 ऑल आउट (48.2 ओवर)
  • चामारी अटापट्टू: 51 (66)
  • नीलाक्षिका सिल्वा: 48 (58)
  • स्नेह राणा: 4 विकेट (9.2 ओवर, 38 रन)

India Women vs Sri Lanka Women मुकाबले की यह जीत भारत के लिए आगामी टूर्नामेंट्स से पहले आत्मविश्वास से भरने वाली है। टीम की बल्लेबाजी गहराई, अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का संतुलन और गेंदबाजी में विविधता ने यह साबित किया कि भारत महिला क्रिकेट में एक मजबूत दावेदार बनकर उभरा है।

आगे क्या?
इस जीत के बाद भारतीय महिला टीम का अगला लक्ष्य टी20 और विश्व कप जैसी बड़ी प्रतियोगिताएं होंगी। India Women vs Sri Lanka Women जैसे मुकाबले न केवल टीम को तैयार करते हैं, बल्कि युवाओं को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन का मौका देते हैं।

निष्कर्ष
India Women vs Sri Lanka Women के इस मुकाबले ने एक बार फिर दिखा दिया कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम अब केवल प्रतिस्पर्धी नहीं, बल्कि विजयी मानसिकता के साथ मैदान में उतरती है। स्मृति मंधाना और स्नेह राणा जैसी खिलाड़ी टीम की रीढ़ बन चुकी हैं और युवा खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी आशाजनक है।
इस सीरीज की जीत न केवल ट्रॉफी के रूप में महत्वपूर्ण है, बल्कि यह एक संदेश है कि भारत की महिला टीम किसी भी चुनौती को पार कर सकती है।

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